बेणेश्वरधाम के मेले में उमड़े लाखों श्रद्धालु, भगवान निष्कलंक की निकली शाही पालकियां, जयकारों के साथ हुआ शाही स्नान

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आसपुर | डूंगरपुर में सोम, माही और जाखम नदियों के संगम पर बने पवित्र तीर्थ स्थल बेणेश्वर धाम में रविवार को मावभक्तों से भीड़ उमड़ पड़ी। माघ पूर्णिमा के मुख्य मेले में डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ समेत राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु आए, जो महंत अच्युतानंद महाराज की पालकी यात्रा और शाही स्नान के साक्षी बने। सुबह से त्रिवेणी संगम के घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं के पवित्र डुबकी लगाने के साथ तर्पण-अर्पण का दौर शुरू हो गया।

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माघ पूर्णिमा पर आज रविवार को बेणेश्वर मेले का मुख्य दिन है। मेले में रातभर श्रद्धालुओं के आने का दौर चल रहा है। साबला, बांसवाड़ा और वालाई पुलिया, त्रिवेणी संगम घाट और मंदिरों में सुबह से ही हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी। दिन निकलने से पहले ही हजारों श्रद्धालुओं ने सोम, माही और जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई और भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। साथ ही सालभर में मृत परिजनों की अस्थियों का तर्पण और अर्पण किया। तर्पण-अर्पण और पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने बेणेश्वर धाम पर स्थित राधा कृष्ण मंदिर, शिव मंदिर, ब्रह्माजी मंदिर और वाल्मिकी मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान संत मावजी महाराज और भगवान निष्कलंक अवतार के जयकारे गूंजते रहे।

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पालकी में 5 किमी यात्रा कर बेणेश्वर धाम पहुंचे महंत

माघ पूर्णिमा पर साबला हरी मंदिर से पालकी यात्रा निकाली गई। पहले भगवान निष्कलंक अवतार की पालकी, फिर पीछे महंत अच्युतानंद महाराज की पालकी। संत मावजी महाराज की वाणिया गाते हुए और जयकारे लगाते हुए पालकी यात्रा बेणेश्वर धाम के लिए निकली। पालकी में बैठे महंत अच्युतानंद महाराज ने हजारों मावभक्तों को आशीर्वाद दिया। पालकी यात्रा 5 किमी का सफर करते हुए बेणेश्वर धाम पहुंची तो जयकारे गूंज उठे। पालकी पहले राधा कृष्ण मंदिर पहुंची, जहा महंत ने भगवान के दर्शन किए। इसके बाद महंत अच्युतानंद महाराज फिर पालकी में बैठे। पालकी यात्रा 1 किलोमीटर दूर बेणेश्वर धाम की तलहटी में स्थित सोम, माही और जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम आबूदर्रा घाट पर पहुंची, जहां मंहत ने पूजा अर्चना की। गंगा समान त्रिवेणी संगम को नमन कर शाही स्नान के हजारों श्रद्धालु साक्षी बने। महंत को कांधों से उठाकर शाही स्नान के बाद फिर से पालकी यात्रा मंदिर पहुंची। मंदिर में पूजा अर्चना और आरती के बाद महंत ने भक्तों को आशीर्वाद दिया। वही मेले में भी लोगो ने झूलों, चाट पकोडियो का जमकर आनंद लिया व खरीददारी की। मेले में जुटने वाले हजारों लोगों की व्यवस्थाओं को लेकर, पुलिस प्रशासन द्वारा माकुल प्रबंध किए गए।

 

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